Awarapan 2 Review in Hindi: क्या 'आवारापन 2' अपने पहले पार्ट का जादू दोहरा पाई या नहीं पढ़ें पूरा रिव्यू
आवारापन 2 की कहानी (Story)
फिल्म की कहानी शिवम पंडित नाम के एक शख्स के फ्लैशबैक से शुरू होती है। शिवम एक अनाथालय चलाता है, जहां आलिया नाम की एक छोटी बच्ची रहती है। कुछ लोग गोद लेने के बहाने आलिया को अपने साथ ले जाते हैं, और बाद में पता चलता है कि वह एक मानव तस्करी के गिरोह के चंगुल में फंस चुकी है।
अब शिवम पंडित इस मासूम बच्ची को इस गिरोह के चंगुल से बचा पाएगा या नहीं, और इसके पीछे आखिर किस गैंग का हाथ है — यही इस फिल्म की मुख्य कहानी है।
आवारापन 2 मूवी रिव्यु (Movie Review)
स्टोरी और स्क्रीनप्ले पर एक नज़र
फिल्म की कहानी में कुछ खास नयापन देखने को नहीं मिलता। ज्यादातर हिस्सा पुरानी हिंदी फिल्मों वाली घिसी-पिटी स्टोरीलाइन जैसा ही महसूस होता है। फिल्म में न तो कोई खास लव स्टोरी है और न ही दमदार एक्शन सीक्वेंस, जो दर्शकों को बांधे रख सके।
डायरेक्शन और बैकग्राउंड म्यूज़िक
फिल्म का डायरेक्शन और बैकग्राउंड म्यूज़िक दोनों ही औसत (average) दर्जे के हैं। कहानी को जिस गहराई और इमोशन की जरूरत थी, वो स्क्रीन पर उतनी असरदार नज़र नहीं आती।
क्लाइमैक्स कैसा है ?
फिल्म का सबसे बड़ा माइनस पॉइंट इसका क्लाइमैक्स है। दरअसल, फिल्म की शुरुआत में ही दर्शकों को अंदाजा हो जाता है कि आगे क्या होने वाला है, जिसकी वजह से क्लाइमैक्स में कोई सरप्राइज एलिमेंट नहीं बचता और यह हिस्सा दर्शकों को निराश ही करता है।
कुल मिलाकर, कहानी के लिहाज से 'आवारापन 2' एक कमजोर सीक्वल साबित होती है। स्टोरी में नयापन न होने के कारण, ये फिल्म ज्यादा प्रभावित नहीं कर पाती।
हालांकि, अगर आप इमरान हाशमी के फैन हैं, तो आप ये फिल्म एक बार सिनेमाघर जाकर हिंदी भाषा में देख सकते हैं।
